इस पोस्ट मे हम जानेगे की विंडोज (Windows) क्या है और हमारे Computer मे इसका उपयोग क्या है|
(What is Windows – विंडोज क्या है)
(What is Windows – विंडोज क्या है)
माइक्रोसॉफ्ट विंडोज (Microsoft Windows) जिसे विंडोज (Windows) या विन (Win) भी कहा जाता है माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसित और प्रकाशित एक ग्राफिकल ऑपरेटिंग सिस्टम (Graphical Operating System) है। यह Computer में फ़ाइलों को संग्रहीत करने, सॉफ़्टवेयर (Software)चलाने, गेम (Game) खेलने, वीडियो (Video) देखने और इंटरनेट (Internet) से कनेक्ट करने का एक तरीका प्रदान करता है।
माइक्रोसॉफ्ट विंडोज को पहली बार 10 नवंबर, 1983 को संस्करण 1.0 के साथ पेश किया गया था। उसके बाद विंडोज के एक दर्जन से अधिक संस्करण जारी किए गए, जिसमें वर्तमान संस्करण, Windows 10 भी शामिल है।
विंडोज़ के संस्करण
Windows XP से शुरू होकर, Microsoft ने विंडोज के विभिन्न संस्करण प्रकाशित किए हैं। इन विंडोज संस्करणों में से प्रत्येक में एक ही कोर ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) है, लेकिन कुछ संस्करणों में अतिरिक्त सुविधाएं हैं, अतिरिक्त कीमत पर।
Home Computer के लिए विंडोज के दो सबसे सामान्य संस्करण विंडोज होम और विंडोज प्रोफेशनल हैं।
विंडोज होम (Windows Home)
विंडोज होम (जिसे Win Home भी कहा जाता है) विंडोज का मूल संस्करण है। यह विंडोज के सभी मूलभूत कार्य प्रदान करता है, जैसे कि इंटरनेट (Internet से कनेक्ट करना, वेब ब्राउज़ (Web Browser) करना, वीडियो (Video) देखना, ऑफिस सॉफ्टवेयर (MS Office Software) का उपयोग करना और वीडियो गेम (Video Game) खेलना। यह विंडोज का सबसे कम खर्चीला संस्करण है, और यह कई नए कंप्यूटरों पर Preinstalled आता है।
विंडोज प्रो (Windows Pro)
विंडोज प्रोफेशनल (Windows Professional) जिसे विंडोज प्रो या विन प्रो (Win Pro) भी कहा जाता है छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों (Business) के लिए एक उन्नत विंडोज संस्करण है। इसमें विंडोज होम की सभी विशेषताएं शामिल हैं|
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Computer Mouse kya Hai – What is Computer Mouse in Hindi ?
इस पोस्ट मे हम जानेगे की माऊस क्या होता है इसमे कौन-कौन से पार्ट्स होते है तथा माऊस का क्या उपयोग होता है इस पोस्ट मे आपको पूरा डिटेल्स (Details) मे समझाया गया है, तो चलिये अब इसे हम देखते है |
Computer Mouse kya Hai – What is Computer Mouse in Hindi ?
एक कंप्यूटर माउस एक हैंडहेल्ड हार्डवेयर (Handheld Hardware) इनपुट डिवाइस (Input Device) है जो एक GUI (Graphical User Interface) में एक कर्सर को नियंत्रित करता है और आपके कंप्यूटर पर टेक्स्ट (Text), आइकन (Icon), फाइल (File) और फोल्डर (Folder) को मुव (Move) और सेलेक्ट (Select) कर सकता है।डेस्कटॉप कंप्यूटर के लिए माउस को एक सपाट सतह (जैसे, माउस पैड या डेस्क) पर रखा जाता है, और इसे कंप्यूटर के सामने रखा जाता है|
Different parts of a mouse :-
Left button.
Right button.
Scroll wheel.
Functions of Mouse :-
Pointing
Selecting
Clicking
Dragging and Dropping
Scrolling
Computer Mouse kya Hai – What is Computer Mouse in Hindi ?
Pointing
जब Cursor को Computer स्क्रीन पर मौजूद किसी फ़ाइल (File) या फोंल्डर (Folder) की तरफ ले जाया जाता है, और Pointer उस फ़ाइल (File) या फोंल्डर (Folder) को छूता है तो एक बॉक्स दिखाई देता है. जो हमे उस फ़ाइल (File) या फोंल्डर (Folder) के बारे में बताता है, इस सम्पूर्ण क्रिया को Pointing कहते है. इस क्रिया को Hovering के नाम से भी जाना जाता है|
Selecting
कम्प्यूटर स्क्रीन पर किसी फ़ाइल (File) या फोंल्डर (Folder) पर Pointing करने के बाद Mouse के Left Button को एक बार दबाने पर वह फ़ाइल (File) या फोंल्डर (Folder) Select हो जाती है. इसे ही Selecting कहा जाता है, जब कोई फ़ाइल (File) या फोंल्डर (Folder) Select होती है तो उसके चारो तरफ एक वर्ग बन जाता है, जिससे पता चलता है कि यह फ़ाइल (File) या फोंल्डर (Folder) Select किया हुआ है|
Clicking
Mouse Button के दबाने कि क्रिया को Clicking कहते है. Click करने के लिए किसी भी Mouse button को दबा के उसे छोड़ दीजिए. Click दो प्रकार की होती है :
Left Click
Right Click
Left Click
Mouse के Left button को दबाने की क्रिया को Left Click कहते है| Left Click के भी निम्न प्रकार है
Single Click
Single Click Mouse के Left Button को एक बार दबा के उसे छोड़ देना Single Click कहलाता है| Single Click के द्वारा किसी फ़ाइल (File) या फोंल्डर (Folder) को Select करना, Menu बार को खोलना, किसी Webpage पर उपलब्ध Link को खोलने आदि कार्य किए जाते है|
Double Click
Mouse के Left button को एक साथ दो बार जल्दी से दबाने की क्रिया को Double Click कहते है, Double Click एक तरह से शॉर्टकट कि तरह कार्य करती है. इसके द्वारा किसी भी फ़ाइल (File) या फोंल्डर (Folder) आदि को खोला जा सकता है. इसके अलावा किसी Documents में कोई भी शब्द Select करने के लिए भी Double Click का इस्तेमाल किया जाता है|
Triple Click
Mouse के Left Button को एक साथ तीन बार जल्दी से दबाने की क्रिया को Triple Click कहते है, Triple Click का उपयोग बहुत ही कम किया जाता है. इसके द्वारा किसी Documents में पूरे पैराग्राफ को Select किया जा सकता है |
Right Click
Mouse के Right button को दबाने की क्रिया को Right Click कहते है, किसी फ़ाइल (File) या फोंल्डर (Folder) पर Right Click करने से उस फ़ाइल (File) या फोंल्डर (Folder) के साथ किये जा सकने वाले सभी कार्यों कि एक List खुल जाती है |
4. Dragging and Dropping
Dragging and Dropping का उपयोग कर Mouse के द्वारा कम्प्यूटर स्क्रीन पर उपलब्ध किसी भी फ़ाइल (File) या फोंल्डर (Folder) को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है, माउस पॉइंटर के द्वारा किसी भी फ़ाइल (File) या फोंल्डर (Folder) को Select करने के लिए Left Button को उस फ़ाइल (File) या फोंल्डर (Folder) पर दबाएं रखे और उस फ़ाइल (File) या फोंल्डर (Folder) को उसके वांछित जगह तक खींच कर ले जाए और Mouse Button को छोड़ दे. इस संपूर्ण कार्य को (खींचना और छोड़ना) Dragging and Dropping कहा जाता है|
Scrolling
Mouse Wheel द्वारा किसी भी Document या Webpage को ऊपर-नीचे सरकाना Scrolling कहलाता है. ऊपर की तरफ सरकाने के लिए Mouse Wheel को अपनी तरफ घुमाना पड़ता है और नीचे की तरफ सरकाने के लिए बाहर की तरफ घुमाना पड़ता है|
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Computer Keyboard and their Function – कंप्यूटर कीबोर्ड और उनके कार्य
इस पोस्ट मे हम कम्प्युटर के कीबोर्ड और उसके उपयोग के बारे मे जानेगे की कीबोर्ड क्या होता है तथा इसका कौन सा बटन क्या कार्य करता है | तो चलिये अब हम इसे देखते है |
Computer Keyboard and their Function – कंप्यूटर कीबोर्ड और उनके कार्य
Keyboard एक इनपुट डिवाइस (Input Device) है इस को हम Computer की चाभी (Key) भी कह सकते है, Keyboard को हिन्दी मे कुंजीपटल कहा जाता है, Keyboard का मुख्य उपयोग टेक्स्ट (Text) लिखने के लिए किया जाता है | कम्प्युटर कीबोर्ड के निर्माण का श्रेय क्रिस्टोफर लॉथम शॉल्स को जाता है|
कम्प्युटर कीबोर्ड एक टाइपराईटर Keys का सेट होता है जिसके द्वारा कम्प्युटर मे डाटा को इंटर किया जाता है, कीबोर्ड पे उसके सभी बटन उकेरे रहते है जिस भी बटन को दबाया जाता है वही अक्षर,संख्या और चिन्ह कम्प्युटर मे टाइप हो जाती है, इसके अलावा भी इसमे कुछ एसे बटन होते है जिसे दबाने पर विशेष कम्प्युटर कमांड्स (Commands) एक्टिव होकर निष्पादित हो जाती है |
Computer Keyboard and their Function – कंप्यूटर कीबोर्ड और उनके कार्य
Keyboard Keys Name and Uses in Hindi :-
ओरिजनल कीबोर्ड मे 84 Keys हुआ करती थी लेकिन एक स्टैंडर्ड कीबोर्ड मे 101 से 104 बटन होती है | तो चलिये हम जानते है की कीबोर्ड के किस बटन का क्या नाम है तथा इसका क्या उपयोग है |
कीबोर्ड को उसके कार्य के आधार पर छह भागो मे बाटा गया है :-
Function Keys –यह keys कीबोर्ड मे सबसे उपर होती है इसे कीबोर्ड मे F1 से लेकर F12 तक लिखा जाता है| इस keys का प्रयोग विशेष कार्य के लिए किया जाता है
Typing Keys – इस Keys मे दो प्रकार की Keys सामील है एक Alphabet (A – Z) और दूसरा Numbers (0 – 9) इन्हे हम सामूहिक रूप से Alphanumeric Keys भी कहते है इस keys का प्रयोग ज़्यादातर टाइपिंग के लिए किया जाता है |
Control Keys –इस Keys मे Ctrl Key, Alt Key, Windows Key, Esc Key का उपयोग Control Keys के रूप मे किया जाता है तथा इसके अलावा Menu Key, Pause Break Key, Scroll Key, PrtScr Key आदि keys भी Control Keys मे सामील होती है |
Indicator Lights –कीबोर्ड मे तीन तरह की Indicator Lights होती है, Num Lock, Scroll Lock और Caps Lock, जब कीबोर्ड मे पहली लाइट जलती है तो उसका मतलब है की Numeric Keyboard चालू है अगर लाइट बंद है तो उसका मतलब है की Numeric Keyboard बंद है, दूसरी लाइट Letters को Uppercase और Lowercase के बारे मे बताता है, तीसरी लाइट को Scroll Lock के नाम से जाना जाता है यह हमे Scrolling के बारे मे संकेत देता है |
Navigations Keys –इस keys मे Home, Arrow Keys, End, Insert, Page Up, Page Down, Delete, आदि Keys शामिल होती है इस Keys का उपयोग Document और Webpage आदि मे इधर उधर जाने के लिए किया जाता है |
Numeric Keypad –Numeric Keypad मे एक Calculator के समान Keys होती है इसे हम Calculator Keys भी कह सकते है इनका इस्तेमाल Numbers को लिखने मे किया जाता है |
Computer Keyboard and their Function – कंप्यूटर कीबोर्ड और उनके कार्य
तो चलिये एक-एक करके सारे Keys के बारे मे जानते है की उसका क्या कार्य होता है :-
F1 : सामान्यत इस Key का प्रयोग help key की तरह किया जाता है। Windows Key + F1 को एक साथ दबाने से Windows Help और Support Centre खुल जाता है |
F2 :इस Key का प्रयोग चिन्हित फाइल या फोल्डर का नाम बदलने अथवा Rename करने के लिए किया जाता है , MS Word में Ctrl Key + F2 Key को एक साथ दबाने से Print Preview खुल जाता है और MS Word में ही Alt Key+Ctrl Key + F2 Key को एक साथ दबाने से Document Window खुल जाता है।
F3 : इस Key का प्रयोग MS Word में Shift Key + F3 प्रयोग करने पर Text Uppercase से Lowercase में बदल जाता है तथा प्रत्येक word के पहले Letter को केपिटल बनाया जा सकता है।
F4 : इस Key का प्रयोग Windows Explore और Internet Explore में Address Bar ओपेन करने के लिए किया जाता है | और Alt + F4 Key को एक साथ दबाने से Currently Active Window बंद हो जाती है। Computer को Shutdown करने के लिए Alt + F4 Key का प्रयोग किया जाता है।
F5 : इस Key का प्रयोग Desktop तथा Internet Browser को Reload या Refresh करने के लिए किया जाता है, इस Key का प्रयोग MS Power Point में Slideshow चालू करने के लिए किया जाता है |
F6 : Internet Browser में F6 key का प्रयोग करने से Mouse Cursor सीधा Address Bar में चला जाता है।
F7 : F7 key का प्रयोग हम MS Word और Outlook में स्पेलिंग चेक करने या Grammar चेक करने में करते है|
F8 :Computer के Start करते समय F8 Key का प्रयोग करने पर कंप्यूटर सेफ मोड में चला जाता है। कुछ Windows Computers में रिकवरी बनाने के लिए भी F8 Key का प्रयोग किया जाता है।
F9 : इस Key का प्रयोग कर हम MS Word Document को रिफ्रेश कर सकते है और MS Outlook में ईमेल भेजने और प्राप्त करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है।
F10 : इस Key का प्रयोग करने से Microsoft Windows में खुली हुई एप्लीकेशन का मेनू बार एक्टिवट हो जाता है| F10 Key High Lightened Icon, फाइल या इंटरनेट लिंक पर वही काम करता है जो माउस का राइट क्लिक करता है।
F11 :इस Key का प्रयोग सभी मॉडर्न इंटरनेट ब्राउज़र को फुल स्क्रीन मोड में चालू करने या फुल स्क्रीन मोड से हटाने के लिए किया जाता है |
F12 : इस Key का प्रयोग MS Word मे Save as Window ओपन करने के लिए किया जाता है | Shift + F12 MS Word Document को Save करता है ठीक उसी तरह जैसे Ctrl + S करता है|
Caps lock key: इस Key को ऑन करने से कीबोर्ड पर टाइप करने वाले सभी फॉण्ट (अक्षर) बड़े हो जाते है।
Home key : इस Key को दबाने से कर्सर लाइन के शुरू में पहुंच जाता है।
End key : इस Key को दबाने से कर्सर लाइन के अंत में पहुंच जाता है।
Num Lock : इस Key को दबाने से Number Keypad कार्य करने लगता है, Number Keypad निष्क्रिय होने पर Aero Keys की तरह कार्य करता है |
Shift key : इस Key का प्रयोग Caps Lock के साथ काम करने पर Small Letter बनता है और Caps Lock के बिना इस्तेमाल करने पर Capital Letter की तरह काम करता है। विंडोज़ में किसी फाइल या फोल्डर को हमेशा के लिए डिलीट करने के लिए Shift+delete key का प्रयोग किया जाता है |
Backspace : इस Key का प्रयोग किसी Document मे बायीं और के अक्षर को हटाने में किया जाता है. यदि Backspace Key को दबाकर रखने से पूरी लाइन ही डिलीट हो जाती है |
Delete key : इस Key का प्रयोग किसी Document मे दाई और के अक्षर को हटाने के लिए किया जाता है , सिलेक्टेड अक्षर तथा सिलेक्टेड फाइल्स को Delete Key दबाने से अक्षर या फ़ाइल डिलीट हो जाता है |
Spacebar : यह Key कीबोर्ड के नीचले भाग पर होती है यह कीबोर्ड की सबसे लम्बी Key होती है जो की कीबोर्ड पर HorizontallyPlaced होती है। इसको ब्लेंक key भी कहते है क्युंकि इसको एक बार प्रयोग करने पर एक Alphabet के बराबर जगह खाली हो जाती है।
Enter key : इस Key को सामान्यतया Return key भी कहते है। Enter key के प्रयोग से Cursor अगली लाइन के शुरू में चला जाता है। वेब ब्राउज़र में Enter Key का प्रयोग टाइप किये गए वर्ड्स को प्रोसेस करने की कमांड देने के लिए किया जाता है |
Tab key : इस Key का प्रयोग करने से एक Word के बराबर का Space हो जाता है, Alt + Tab Keys का प्रयोग वर्तमान में मॉनिटर पर चल रही Applications के मध्य चुनाव हेतु किया जाता है। एक बार Tab key का प्रयोग करने पर MS Word मेंCursor 0.5इंच आगे बढ़ जाता है |
Arrow key :कीबोर्ड के जिन बटनों पर Arrow का निशान होता है उनको Arrow Keys कहा जाता है, इस Key का प्रयोग कर Document और Web Browser को आगे पीछे या उपर नीचे करने के लिए किया जाता है |
कॉम्बिनेशन keys :शॉर्टकट तैयार करने के लिए Function Keys के अलावा जिन भी Keys का प्रयोग किया जाता है उनको कॉम्बिनेशन Keys कहा जाता है।
Alphanumeric Keys (A to Z and 0 to 9) :इस Keys का प्रयोग Text टाइप करने के लिए किया जाता है |
Computer Keyboard and their Function – कंप्यूटर कीबोर्ड और उनके कार्य
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What is System Unit in Hindi – सिस्टम यूनिट क्या है
इस पोस्ट मे हम सिस्टम यूनिट के बारे मे कुछ महत्वपूर्ण जानकारी जानेगे की सिस्टम यूनिट क्या होता है तथा इसका क्या उपयोग है और सिस्टम यूनिट कितने प्रकार के होते है तो चलिये अब हम जानते है |
What is System Unit in Hindi – सिस्टम यूनिट क्या है
असल मे सिस्टम यूनिट ही असली कम्प्युटर होता है, Computer मे होने वाले सभी काम इसी के द्वारा किए या कराये जाते है सिस्टम यूनिट ही हमारे प्रोग्राम को ठीक ठाक चलने की गारंटी देता है, सिस्टम यूनिट को कम्प्युटर का दिमाग (Brain) भी कहा जाता है यह एक चौकोर बॉक्स होता है | सिस्टम यूनिट मे मदरबोर्ड (Motherboard), हार्डडिस्क (Hard disk), डीवीडी ड्राईवर (DVD Driver), एसएमपीएस (SMPS), रैम (RAM), रौम (ROM) आदि डिवाइस इसके अंदर लगे होते है अर्थात हम ये भी बोल सकते है की इन सबको मिलाके ही सिस्टम यूनिट बनता है |
कम्प्युटर मे जीतने भी हार्डवेयर होते है उन सबको कंट्रोल सिस्टम यूनिट ही करता है और कम्प्युटर मे जो भी प्रोसेसिंग का काम होता है वो System Unit के ही द्वारा किया जाता है | उदाहरण के लिए जिस प्रकार हमारे शरीर के सभी अंगो को कंट्रोल हमारा दिमाग करता है और जो भी सोचने और समझने का काम होता है वो दिमाग मे ही होता है उसी प्रकार Computer मे भी डाटा प्रोसेसिंग का काम सिस्टम यूनिट मे होता है, यदि हमे कोई डॉकयुमेंट प्रिंट करना होतो हम कीबोर्ड से कम्प्युटर को प्रिंट करने के लिए ऑर्डर देगे तो वो ऑर्डर कीबोर्ड के माध्यम से सिस्टम यूनिट मे जाएगा और सिस्टम यूनिट Printer को प्रिंट देने का ऑर्डर देगा तभी प्रिंटर से प्रिंट होगा |
What is System Unit in Hindi – सिस्टम यूनिट क्या है
सिस्टम यूनिट के सामने का भाग (Front Side of System Unit)
सिस्टम यूनिट के आगे निंनलिखित अवयव लगे होते है :-
पावर स्विच (Power System)– पावर स्विच का प्रयोग Computer को स्टार्ट या बंद करने के लिए किए जाते है |
रिसेट बटन (Reset Button)– रिसेट बटन का प्रयोग कम्प्युटर को रिस्टार्ट (Restart) करने के लिए किया जाता है |
लाइट्स (Lights) – सिस्टम यूनिट (System Unit) मे तीन लाइट्स लगे होते है लाल कलर का लाइटस यह दर्शाता है की कम्प्युटर के द्वारा हार्डडिस्क कोर पढ़ा जा रहा है की नही, हरा और नीला lights पावर सप्लाइ को दर्शाता है |
डीवीडी/सीडी (DVD/CD) – सिस्टम यूनिट का यह भाग कम्प्युटर से जुड़े डीवीडी/सीडी (DVD/CD) को एक्सेस करने की सुविधा प्रदान करता है |
सिस्टम यूनिट के पीछे का भाग (Backside of the System Unit)
सिस्टम यूनिट के पिछले भाग मे विभिन्य प्रकार के पोर्ट (Port) होते है :-
पावर पोर्ट (Power Port) – पावर पोर्ट विधुत तार की मदद से Computer को बिजली की आपूर्ति करता है|
कीबोर्ड/माऊस पोर्ट (Keyboard/Mouse Port) – इस पोर्ट मे कीबोर्ड और माऊस को कनेक्ट किया जाता है|
यूएसबी पोर्ट (USB Port)– USB का Full form यनिवर्सल सीरियल बस होता है यह एक एसी तकनीक है जिसकी मदद से आज के जमाने के सारे डिवाइस जैसे की प्रिंटर, कैमरा, मॉडेम,आदि सभी डिवाइस को कम्प्युटर से कनेक्ट किया जा सकता है|
विडियो पोर्ट (Video Port) – विडियो पोर्ट का प्रयोग प्रॉजेक्टर और एक्स्ट्रनल मॉनिटर को कम्प्युटर से कनेक्ट करने के लिए किया जाता है|
औडियो पोर्ट (Audio Port) – इस पोर्ट का प्रयोग कम्प्युटर मे स्पीकर (Speaker) को कनेक्ट करने के लिए किया जाता है|
सीरियल पोर्ट (Serial Port)– यह एक समान्य उदेश्य पोर्ट है इसमे लगभग किसी भी डिवाइस को जैसे माऊस,कीबोर्ड और मॉडेम को जोड़ा जाता है|
पैरालेल पोर्ट (Parallel Port) – इस पोर्ट का प्रयोग Printer को कनेक्ट करने के लिए किया जाता है|
ईथरनेट पोर्ट ( Ethernet Port) – इस पोर्ट की मदद से आप इंटरनेट (Internet) और लोकल एरिया नेटवर्क को कम्प्युटर से कनैक्ट किया जाता है|
सिस्टम यूनिट के अंदर ( Inside the System Unit)
सिस्टम यूनिट के अंदर निम्न महत्वपूर्ण पार्ट्स होते है :-
मदरबोर्ड (Motherboard)
रैनडम एक्सेस मेमोरी (Random Access Memory) (RAM)
रीड ओनली मेमोरी (Read only Memory) (ROM)
स्विच मोड पावर सप्लाइ (Switch Mode Power Supply ) (SMPS)
सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट ( Central Processing Unit ) (CPU)
हार्ड डिस्क ड्राइव (Hard Disk Drive) (HDD)
नेटवर्क इंटरफेस कार्ड (NIC)
What is System Unit in Hindi – सिस्टम यूनिट क्या है
डेस्कटॉप सिस्टम यूनिट (Desktop System Unit) मे आमतौर पे Electronics Components होते है जैसे मदरबोर्ड (Motherboard), हार्डडिस्क (Hard disk), डीवीडी ड्राईवर (DVD Driver), एसएमपीएस (SMPS), रैम (RAM), रौम (ROM)
मॉनिटर (Monitor), कीबोर्ड (keyboard) और माऊस (Mouse) जैसे इनपुट और आउटपुट डिवाइस सिस्टम यूनिट के बाहर होते है, डेस्कटॉप सिस्टम यूनिट को Vertical और Horizontal डिजाइन किया जाता है | इसे एक जगह से दूसरे जगह ले जाना मुश्किल होता है |
2. नोटबुक सिस्टम यूनिट (Notebook System Unit)
नोटबुक सिस्टम यूनिट (Notebook System Unit) पोट्रेबल होते है ये आकार मे छोटी भी होती है, इस System Unit मे Electronics Components लगे होते है| नोटबुक को हम लैपटाप (Laptop) के नाम से भी जानते है इसे कही भी ले जाना आसान होता है |
3. टैबलेट सिस्टम यूनिट (Tablet System Unit)
टैबलेट सिस्टम यूनिट (Tablet System Unit) आधीक पोट्रेबल होता है यह नोटबुक सिस्टम यूनिट के समान होता है, टैबलेट सिस्टम यूनिट को एक हाथ के टेबल पर भी रखा जा सकता है |
हैंडहेल्ड कम्प्युटर सिस्टम (Handheld Computer System) को इस प्रकार से डिजाइन किया जाता है की इसे एक हाथ की हथेली पर भी रख के चलाया जा सके इसमे भी सभी Electronics Components होते है|
(उमीद है की यह पोस्ट आपको अच्छी जरूर लगी होगी यदि यह पोस्ट आपको helpful लगी हो तो इसे अपने दोस्तो के साथ Share करे और साथ ही Comment Box में यभी बताए की यह पोस्ट आपको कैसा लगा, यदि आपका कोई सुझाव हो तो आप वो भी Comment Box में बता सकते है, आपका हर सुझाव हमारे लिए महत्वपूर्ण है|)
( What is Personal Computer (PC) in Hindi – पर्सनल कंप्यूटर क्या है )
( What is Personal Computer (PC) in Hindi – पर्सनल कंप्यूटर क्या है )
Personal Computer एक माइक्रोप्रोसेसर (Microprocessor) वाला छोटा कम्प्युटर होता है इस Computer मे एक बार मे एक ही व्यक्ति कार्य कर सकता है हमारे आस पास घरो,स्कूलो तथा छोटे ऑफिसो मे जो भी कम्प्युटर दिखता है वो सभी पर्सनल कम्प्युटर के उदाहरण है पर्सनल कम्प्युटर का आविष्कार 1981 मे IBM कंपनी द्वारा किया गया था, IBM का पूरा नाम International Business Machine है, पर्सनल कम्प्युटर को “आईबीएम पीसी ” (IBM PC) भी कहा जाता है |
Personal Computer मे एक ही सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) लगा होता है जिसमे एकल एकीकृत सर्किट (Integrated Circuit) पर अंकगणित (Arithmetic), तर्क (Logic) और नियंत्रण सर्किट (Control Circuit) सामील होते है| इसमे दो प्रकार के मेमोरी होते है एक Primary Memory और दूसरा Secondary Memory, प्राइमरी मेमोरी मे Ram (Random Access Memory) और Rom (Read only Memory) आते है तथा सेकेंडरी मेमोरी मे हार्डडिस्क ड्राइव (HDD) तथा अन्य जीतने भी मेमोरी है वो इसीमे आते है |
( What is Personal Computer (PC) in Hindi – पर्सनल कंप्यूटर क्या है )
Type of Personal Computer – पर्सनल कम्प्युटर के प्रकार
पर्सनल कम्प्युटर के मुख्य प्रकार है :
1. Desktop Computer
डेस्कटॉप कम्प्युटर जैसा की आप को नाम से ही पता चल रहा है Desk+Top यानि एसा Computer जिसे हम डेस्क के उपर रख के चला सके उसे Desktop कम्प्युटर कहते है | डेस्कटॉप कम्प्युटर मे एक बड़ा सा बॉक्स होता है जिसे सिस्टम यूनिट (System Unit) कहा जाता है कम्प्युटर का सारा प्रोसेसिंग का काम इसी के द्वारा किया जाता है इसे कम्प्युटर का दिमाग (Brain) भी कहा जाता है| इसमे एक मॉनिटर (Monitor) माऊस (Mouse) और कीबोर्ड (Keyboard) लगा होता है साथ ही आप अपने जरूरत की हिसाब से इसमे अलग से स्टोरेज ड्राइव और मेमोरी को जोड़ सकते है और अपने जरूरत के हिसाब से आप इसमे दूसरे Devices को भी जोड़ सकते है उदाहरण के लिए जैसे आपको प्रिंट करना हो तो आप Printer को जोड़ के प्रिंट कर सकते है यदि आपको गाना सुनना हो तो आप Speaker को जोड़ के गाना सुन सकते है|
2. Laptop
लैपटाप जैसा की आपको नाम से पता चल रहा है Lap+Top यानि एसा Computer जिसे हम गोदी मे रख के चला सके उसे हम Laptop कम्प्युटर कहते है. लैपटाप एक पोट्रेबल कम्प्युटर होता है| लैपटाप को हम Notebook के नाम से भी जानते है , इसे हम आराम से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जा सकते है, Laptop कम्प्युटर Desktop की भाति ही सारे कार्य कर सकते है मगर लैपटाप, डेस्कटॉप कम्प्युटर से महंगे होते है |
3. Tablet
टेबलेट एक टच-सेनसिटिव स्क्रीन वाला एक छोटा सा कम्प्युटर होता है जो की साइज़ मे Laptop से छोटा और एक Smart Phone से बड़ा होता है इसमे कीबोर्ड या माऊस नही होता है इसे भी अपने स्मार्ट फोन की तरह स्क्रीन पर उंगली के द्वारा चलाया जाता है लेकिन इसमे डेस्कटॉप कम्प्युटर एप्लिकेशन नही चलते है और इसमे मेमोरी और स्टोरेज क्षमता भी कम होती है, यह डेस्कटॉप और लैपटाप कम्प्युटर की भाति जादा शक्तिशाली भी नही होता है इसका इस्तेमाल छोटे मोटे काम मे ही किया जाता है |
4. Smartphone
आज के जमाने मे स्मार्टफोन हर व्यक्ति के शरीर का एक अभिन्य अंग बन चुका है, आप आज जो स्क्रीन टच मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहे है उसे ही Smartphone कहा जाता है, स्मार्टफोन मे आप अपने जरूरत की हिसाब से एप्लिकेशन इन्स्टाल करके चला सकते है इसमे इंटरनेट की क्षमता भी होती है, यह Tablet से साइज़ मे छोटा होता है | एसे तो स्मार्टफोन से तो हम बहुत प्रकार के काम कर सकते है लेकिन उसमे बड़े Computing उपकरणो की शक्ति और लचीलेपन की कमी होती है|
(उमीद है की यह पोस्ट आपको अच्छी जरूर लगी होगी यदि यह पोस्ट आपको helpful लगी हो तो इसे अपने दोस्तो के साथ Share करे और साथ ही Comment Box में यभी बताए की यह पोस्ट आपको कैसा लगा, यदि आपका कोई सुझाव हो तो आप वो भी Comment Box में बता सकते है, आपका हर सुझाव हमारे लिए महत्वपूर्ण है|)
किसी भी कम्प्युटर के लिए Software उतना ही जरूरी है जितना की किसी इंसान के लिए आत्मा यानि जब इंसान के शरीर से आत्मा निकल जाती है तो हम उसे इंसान नही बल्कि मृत शरीर कहते है उसी प्रकार यदि किसी कम्प्युटर मे Software नही हो तो उसे Computerनही बल्कि Hardwareका एक मृत बॉक्स कहेगे |सॉफ्टवेयर निर्देशों (Instructions ) और कार्यक्रम (Programs) का एक समूह है जो किसी विशेष कार्य को पूरा करने के लिए कंप्यूटर को निर्देश देता है। ( बहुत सारे Instructions को मिलाके एक Program बनता है और बहुत सारे Programs को मिलाके एक Software बनता है ) यह उपयोगकर्ता को कंप्यूटर पर काम करने की क्षमता प्रदान करता है। सॉफ्टवेयर के बिना, कंप्यूटर सिर्फ हार्डवेयर का एक मृत बॉक्स है, आप सॉफ्टवेयर को अपनी आंखों से नहीं देख सकते हैं, न ही इसे हाथ से छू सकते हैं। क्योंकि इसका कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है, यह एक आभासी वस्तु है जिसे केवल समझा जा सकता है।
( What is Software in Hindi – सॉफ्टवेयर क्या है )
➤ Type of Software :- सोफ्टवेयर मुख्य रूप से दो प्रकार के होते है
System Software
Application Software
System Software
सिस्टम सॉफ्टवेयर Hardware का प्रबंधन (Manages) और नियंत्रण (Controls) करता है सारे हार्डवेयर पर कंट्रोल सिस्टम सोफ्टवेयर ही करता है और यह हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच क्रिया करने की अनुमति देता है। कई तरह के सिस्टम सॉफ्टवेयर होते हैं।
1.1 Operating System
यदि किसी कम्प्युटर मे Operating System नही हो तो Computer ऑन (ON) ही नही होगा और कम्प्युटर ऑन नही होगा तो उसमे आप Application Software (Apps) रन नही कर पाएगे किसी भी कम्प्युटर के लिए Operating System उतना ही महत्व पूर्ण है जितना की एक ट्रेन के लिए स्टेशन यानि जब स्टेशन होगा तभी ट्रेन आएगी उसी प्रकार यदि ऑपरेटिंग सिस्टम कम्प्युटर मे होगा तभी एप्लिकेशन सोफ्टवेयर काम करेगा | ऑपरेटिंग सिस्टम यूजर तथा कम्प्यूटर के बीच पुल का काम करता है, यह हमारे निर्देशो को कम्प्यूटर को समझाता है| कुछ Operating System के नाम नीचे दिये गए है|
Windows OS
Android
Linux
Mac OS
UBUNTU
1.2 Utility Programs
Utility Programs का कम्प्युटर Hardware से सीधा सबंध नही होता है यह कम्प्युटर संसाधनो का सुरक्षा का कार्य करता है जैसे की Anti Virus |
1.3 Device Drivers
Device Drivers एक येसा प्रोग्राम है जो Input Device और Output Device को कम्प्युटर से जोड़ता है, उदाहरण के लिए जैसे की जब हम किसी Printer को कम्प्युटर से जोड़ते है और प्रिंट करने के लिए ऑर्डर देते है तो वह तब तक print नही होगा जब तक की उस Printer का Device Driver कम्प्युटर मे Install नही होगा |
2. Application Software
Application Software का सीधा सबंध User से होता है इसे End User Software भी कहते है इसे आम बोल चाल की भाषा मे इसे “Apps” भी कहते है, हम Computer मे जो भी कार्य करते है वह Application Software पे ही करते है, और हमे कम्प्युटर पे जो भी काम करना होता है उस चीज का एप्लिकेशन सोफ्टवेयर हमे कम्प्युटर मे Install करना होता है, Application Software दो प्रकार के होते है |
2.1 Basic Application
Basic Application जैसा की आप को नाम से ही पता चल रहा है की यह Application सामान्य उदेश्य के लिए बनाया गया है यानि जो भी आप मोबाइल मे या कम्प्युटर मे गाना सुनने विडियो देखने फोटो देखने लेटर तैयार करने और जो भी छोटे मोटे काम के लिए आप जो सोफ्टवेयर यूज करते है वो सभी Basic Application Software है | इसके कुछ उदाहरण नीचे दिये गए है |
Presentation Programs
DTP Programs
Multimedia Programs
Image/Photo Editor
Spreadsheet Programs
Word Processing Programs
Graphics Application
2.2 Specialized Application
Specialized Application जैसा की नाम से ही पता चलता है की इसे किसी विशेष उदेश्य के लिए बनाया जाता है यानि किसी बड़े उदेश्य को ध्यान मे रख कर डिज़ाइन किया जाता है | इसके कुछ उदाहरण नीचे दिये गए है |
Accounting Software
Website Design Software
Traffic Control System
Billing Software
Train Reservation Software
Payroll Management System
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Computer के वह सभी फिजिकल पार्ट्स जिन्हे हम अपने आंखो से देख सकते है तथाअपने हाथो से छू सकते है उन्हे हार्डवेयर कहते है| यह कम्प्युटर का भौतिक भाग होता है, कम्प्युटर की भाषा मे हमारे शरीर का अंग हार्डवेयर है तथा हमारी आत्मा सोफ्टवेयर है, जिस प्रकार एक इंसान के लिए शरीर और आत्मा दोनों जरूरी है उसी प्रकार एक कम्प्युटर के लिए हार्डवेयर और Software दोनों की जरूरत होती है अर्थात बिना हार्डवेयर के सोफ्टवेयर का कोई महत्व नही है उसी प्रकार बिना सोफ्टवेयर के हार्डवेयर का भी कोई महत्व नही है दोनों एक दूसरे के पूरक है दोनों जब मिलगे तभी उन्हे हम कम्प्युटर कहेगे |
Types of Hardware – हार्डवेयर के प्रकार
Hardware के मुख्य रूप से चार प्रकार के होते है आप यह भी कह सकते है की कंप्यूटर Hardware के प्रमुख चार केटेगरी होती है|
Input Device Hardware
Output Device Hardware
Processing Device Hardware
Memory/Storage Device Hardware
What is Hardware in Hindi – हार्डवेयर क्या है
1. Input Device Hardware
वे सभी डिवाइस जो Computer को इनपुट जाने के लिए काम में ली जाती है कंप्यूटर की इनपुट डिवाइस कहलाती है| हम इसे इस प्रकार से भी समझ सकते है जिस प्रकार हमे किसी भी आदेश या निर्देश हम अपने आँख, कान और नाक के द्वारा मष्तिक को भेजते है उसी प्रकार कम्प्युटर को भी किसी कार्य को करने की आदेश दी जाती है तो उसके लिए इनपुट डिवाइस की जरूरत पड़ती है उसे ही Input Device Hardware कहते है, जैसे की नीचे दिये गए है|
Keyboard
Mouse
Scanner
Microphone
Etc
2. Output Device Hardware
वे सभी डिवाइस जिनके द्वारा Computer दिए गए इनपुट को प्रोसेस करने के बाद आउटपुट शो करता है आउटपुट डिवाइस कहलाती है| इसे हम एसे भी समझ सकते है जैसे की हमारे शरीर का आउटपुट डिवाइस क्या होता है, हमारे शरीर का आउटपुट डिवाइस हमारे हाथ, पाव, मुह होते है अर्थात यदि कोई हमसे कोई सवाल पूछे तो उसके आउटपुट मे हम अपनी मुह का इस्तेमाल करके उसे जवाब देते है, एक और उदाहरण से समझते है जैसे की कोई हमसे बोले की एक ग्लास पानी लाओ तो हमे पानी लाने के लिए अपने हाथ और पाव का इस्तेमाल करके उस आदेश का पालन करना होगा अर्थात ये हमारे आउटपुट डिवाइस है उसी प्रकार कम्प्युटर को भी Input Device के द्वारा आदेश देने के बाद जिस डिवाइस के द्वारा हमे आउटपुट मिलता है उसे Output Device Hardware कहते है, जैसे की नीचे दिये गए है|
Monitor
Speaker
Head Phone
Printer
Projector
Etc
3. Processing Device Hardware
कंप्यूटर को दिया जाने वाला प्रत्येक इनपुट प्रोसेसिंग डिवाइस के द्वारा होकर ही आउटपुट डिवाइस में जाता है| मतलब की सभी प्रकार के Operation जैसे Copy, Paste, Delete, Move आदि प्रोसेसिंग डिवाइस के द्वारा ही Perform किये जाते है| उदाहरण के लिए यदि कोई आपसे पूछे की 4+9+8 = क्या होगा तो आपको इसे जोड़ने के लिए अपने मस्तिष्क की जरूरत पड़ती है अर्थात ये प्रोसेसिंग आपके मस्तिष्क मे होता है उसी प्रकार कम्प्युटर मे भी जब Input Device Hardware के द्वारा इनपुट देते है तो वो Output Device Hardware मे जाने से पहले Processing Device Hardware से ही होकर ही गुजरता है, जैसे की नीचे दिये गए है|
Mother Board
CPU (Central Processing Unit)
GPU (Graphics Processing Unit)
Sound Card
4. Storage Devices Hardware
यह भी Computer का एक अहम भाग होता है अर्थात कम्प्युटर मे किसी भी आदेश देने से पहले उसका डाटा उसके Storage Device मैं माजूद होनी चाहिए है तभी वो प्रोसेसिंग होकर रिज़ल्ट सो होगा, उदाहरण के लिए यदि आपसे किसी एसे व्यक्ति का नाम पूछा जाए जिसे आप नही जानते तो आप उसका नाम नही बता पाएगे उसी प्रकार कम्प्युटर मे भी जो डाटा मौजूद नही है वो भी उसका रिज़ल्ट नही दे पाएगा , Storage Device का इस्तेमाल कंप्यूटर में डाटा को आंशिक या परमानेंट करने के लिए किया जाता है| कंप्यूटर में Storage Device Hardware दो प्रकार के होते है|
Primary Storage Devices
Secondary Storage Devices
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Computer kitne prakar ke hote hai ? – जब हम Computer के बारे मे बात करते है तो बहुत लोग के दिमाग मे घरो और ऑफिस मे रखे Laptop या Desktop ही आते है, मगर मैं आपको बता दु की कम्प्युटर इतना पे ही सीमित नहीं है, हमारे घर मे रखे थर्मामीटर से लेकर Super Computer तक सभी कम्प्युटर के ही उदाहरण है, कम्प्युटर को हम Application, Purpose और Size के अनुसार हम विभिन्य भागो मे बाट सकते है तो चलिये हम इसे देखते है|
Computer kitne prakar ke hote hai ?
Computer kitne prakar ke hote hai ?
Computers are mainly classified into three types :: कम्प्युटर को मुख्यत तीन प्रकार मे वर्गीकृत किया जाता है|
1. According to Application – अनुप्रयोग के अनुसार
2. According to Purpose – प्रयोजन के अनुसार
3. According to Size – आकार के अनुसार
Type of Computers Based on Application :: अनुप्रयोग के आधार पर कंप्यूटर का प्रकार
1. Analog Computer – एनालॉग कंप्यूटर
2. Digital Computer – डिजिटल कंप्यूटर
3. Hybrid Computer – हाइब्रिड कंप्यूटर
Type of Computer based on Purpose – उद्देश्य पर आधारित कंप्यूटर का प्रकार
1. General Purpose Computer – सामान्य प्रयोजन कंप्यूटर
2. Special Purpose Computer – विशेष प्रयोजन कंप्यूटर
Type of Computer based on Size – आकार के आधार पर कंप्यूटर का प्रकार
1. Micro Computer – माइक्रो कंप्यूटर
2. Mini Computer – मिनी कंप्यूटर
3. Mainframe Computer – मेनफ्रेम कंप्यूटर
4. Super Computer – सुपर कंप्यूटर
(Computer Classification & Type)
Type of Computers Based on Application :: अनुप्रयोग के आधार पर कंप्यूटर का प्रकार
1. Analog Computer – एनालॉग कंप्यूटर
Analog Computer भौतिक मात्रा जैसे- दाब, ताप, लंबाई, आदि को मापने मे प्रयोग किया जाता है, यह आकडे लगातार परिवर्तित होते रहते है इनका उपयोग मुख्य रूप से विज्ञान और इंजीन्यरिंग के क्षेत्र मे किया जाता है | इस Computer की कार्य क्षमता तेज होती है इसका परिणाम हमे ग्राफ आदि के रूप मे प्राप्त होता है इसमे डाटा स्टोर नहीं होता है |
Example :- वोल्टमीटर, बैरोमीटर , इत्यादि |
2. Digital Computer – डिजिटल कंप्यूटर
ये वो कम्प्युटर है जो अंको की गणना करता है | ये डाटा को 0 से 1 के फोर्म मे स्टोर करते है | इनकी गति तिब्र होती है तथा ये करोड़ो गन्नाये प्रति सेकंड कर सकता है |आधुनिक डिजिटल कम्प्युटर मे Binary System का प्रोयोग किया जाता है, यह Computer गणितिय और तार्किक कार्य करने मे सक्षम होता है , Digital Computer मे हम डाटा स्टोर कर सकते है|
Example :- लैपटाप,डेस्कटॉप इत्यादि |
3. Hybrid Computer – हाइब्रिड कंप्यूटर
यह Digital और Analog का मिश्रित रूप है | इसमे Input तथा Output, Analog के रूप मे होता है | परंतु Processing Digital के रूप मे होता है | इस प्रकार के Computer अधिकत Hospitals मे Medicine और Surgery के कामो मे किया जाता है | मरीजो के Observation के लिए उनमे Temperature और Blood आदि को मापने के लिए Hybrid Computer का प्रयोग किया जाता है | इन कम्प्युटरो मे Digital Computer एक नियंत्रण तथा अकीय कार्य करने के लिए होता है वही Analog Computer समस्या का हल करता है |
Type of Computer based on Purpose – उद्देश्य पर आधारित कंप्यूटर का प्रकार
1. General Purpose Computer – सामान्य प्रयोजन कंप्यूटर
यह वह कम्प्युटर है जिनका उपयोग सामान्य कार्यो के लिए किया जाता है | जैसे – Word Processing, Letter Typing, Documents बनाना आदि | इस प्रकार के Computer मे सामान्य Hardware Configuration होता है तथा इसके CPU की Working Capacity भी लिमिटेड होती है | General Purpose Computer एक ऐसा कम्प्युटर होता है जिसमे आप पत्र लिख सकते है, अपने घर या ऑफिस का बजट बना सकते है बिज़नेस का हिसाब किताब रख सकते है, Desktop और Notebook समान्य प्रयोजन कम्प्युटर है|
2. Special Purpose Computer – विशेष प्रयोजन कंप्यूटर
जैसे की आपको नाम से पता चल रहा होगा की यह कम्प्युटर किसी विशेष कार्य के लिए विकशीत किये जाते है यानि इसका कार्य किसी एक तरह के कार्य को करना होता है, यानि यह वह Computer है जिसे Special कार्यो के लिए बनाया जाता है | इनमे Hardware Configuration High Quality की होती है तथा CPU की श्चमता भी कार्य के अनुसार होती है |
Type of Computer based on Size – आकार के आधार पर कंप्यूटर का प्रकार
1. Micro Computer – माइक्रो कंप्यूटर
यह कम्प्युटर आकार मे छोटे होते है | इसमे Single processor लगा होता है | इन पर एक समय मे केवल एक ही व्यक्ति कार्य कर सकता है इनका उपयोग अधिकतर घरो मे और ऑफिस मे पर्सनल यूज के लिए किया जाता है | इसे Personal Computer (PC) भी कहा जाता है | इनकी Speed और Storage की श्चमता कम होती है |
Example :- Laptop, Desktop, Palmtop, Notebooks आदि |
2. Mini Computer – मिनी कंप्यूटर
यह कम्प्युटर Medium Size के होते है | Mini Computer मे एक से अधिक Processor लगे होते है | इनपर एक समय मे एक से अधिक यूजर कार्य कर सकते है इनकी Storage और Speed, Micro Computer की तुलना मे बहुत अधिक होते है | इसका उपयोग Small और Medium size के कंपनी के द्वारा किया जाता है | इसके अलावा Passenger reservation और Banking आदि मे भी किया जाता है |
Example :- AS400, BULLHN-DPX2, HP 9000, AND RTSC6000 आदि |
3. Mainframe Computer – मेनफ्रेम कंप्यूटर
यह Computer आकार मे Mini Computer से बड़े होते है | तथा इसकी storage capacity भी Mini Computer से अधिक होती है | ये अधिक Speed के साथ Process करते है | क्यूकी इनके समानान्तर कई Processor लगे होते है | Mainframe Computer का उपयोग बड़ी-बड़ी Company के द्वारा किया जाता है| इसमे सैकड़ो user एक साथ काम कर सकते है | Mainframe Computer को Network के द्वारा बहुत से Micro Computer से Attach किया जा सकता है|
Example :- IBM-370, ICL-39 आदि |
4. Super Computer – सुपर कंप्यूटर
यह अपनी पीढ़ी के दूसरे Computer की तुलना मे अत्यधिक तिब्र है | इसमे हजारो Micro Processor होते है | यह अब तक का सबसे शक्तिशाली कम्प्युटर है | विश्व का प्रथम Super Computer 1976 ई0 मे Cray-1 था, जो Cray Research Company द्वारा विकसित था | यह इतिहास मे सबसे सफल Super Computer है | इसमे Multi Processing तथा Parallel processing दोनों का उपयोग किया गया था तथा इसमे कई व्यक्ति एक साथ कार्य कर सकते है | इसका प्रयोग बैज्ञानिक अनुसंधान आदि मे होता है|
Example :- CRAY-1, PARAM
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Computer Architecture in Hindi – कम्प्युटर (Computer ) को तो कई भागो मे वर्गीकृत किया गया है जैसे की Application के अनुसार, Purpose के अनुसार, Size के अनुसार लेकिन Computer के शुरुआत से लेकर अब तक कम्प्युटर की संरचना (Computer Architecture) मे कोई परिवर्तन नहीं आया है तो चलिये जानते है इसके बारे मे|
Computer Architecture in Hindi – कोई भी कम्प्युटर कुछ भागो से मिलकर बनता है, जो अलग-अलग-प्रकार के कार्य करते है, कम्प्युटर चाहे छोटा हो या बड़ा,चाहे वह नया हो या पुराना उसमे पाँच मुख्य भाग होते है – इनपुट यूनिट (Input Unit), सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (Central Processing Unit), मेमोरी (Memory) और आउटपुट यूनिट (Output Unit) तो चलिये इसके बारे मे जानते है|
1. इनपुट यूनिट (Input Unit)
इनपुट यूनिट के द्वारा ही Computerको किसी कार्य को करने के लिए आदेश दिया जाता है उदाहरण के लिए कम्प्युटर की भाषा मे समझे की किसी मनुष्य का इनपुट यूनिट क्या होता है तो मनुष्य का इनपुट यूनिट उसके आँख,नाक और कान है अर्थात मनुष्य किसी भी आदेश या इनपुट अपने आँख,नाक और कान के मदद से ही अपने अंदर लेता है, तो अब जाने की Computer का Input Unit क्या होता है Computer का Input Unit उसके Hardware का भाग होता है जैसे की Keyboard, Mouse, Scanner, Microphone, Etc .
सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट इसको कम्प्युटर का मस्तिष्क भी कहा जाता है जिस तरह किसी मनुष्य के सारी शरीर का कंट्रोल उसका मस्तिष्क करता है और सोचने और समझने का जो भी कार्य हो वह मनुष्य के मस्तिष्क मे ही होता है, Computer की भाषा मे मनुष्य के मस्तिष्क को हम Central Processing Unit (CPU) भी कह सकते है, उसी प्रकार कम्प्युटर के सारे Hardware का नियंत्रण सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट ही करता है , Central Processing Unit (CPU) इनपुट डाटा को प्रोसेस करता है इसके लिए CentralProcessing Unit (CPU) और अर्थमेटिक/लौजीक यूनिट (Arithmetic/Logic Unit) दोनों मिलकर अर्थमेटिक गणना (Arithmetic Calculation) और तार्किक गणना (Logical Calculation) करते है|
3. मेमोरी(Memory)
कम्प्युटर के सारे डाटा उसके Memory मे है ही Save होते है Memory भी कम्प्युटर का एक अहम भाग होता है उदाहरण के लिए यदि कोई आपसे आपका नाम पूछे तो आप तुरंत उसका जवाब दे देते है किवकी आपका नाम आपके मेमोरी मे सेव है यदि आपसे किसी एसे व्यक्ति का नाम पूछा जाए जिसे आप नहीं जानते तो आप उसका जवाब नही दे पाएगे किवकी उसका नाम आपके मेमोरी मे सेव नहीं है, उसी प्रकार कम्प्युटर से भी कोई कार्य करना होतो वो डाटा उसके Memory मे Save होना चाहिए| मेमोरी भी दो प्रकार के होते है|
1. Primary Storage Memory
2.Secondary Storage Memory
4. आउटपुट यूनिट (Output Unit)
वे सभी डिवाइस जिनके द्वारा Computer दिये गए इनपुट को प्रोसेस करने के बाद आउटपुट शो करता है आउटपुट यूनिट कहलाता है, कम्प्युटर की भाषा मे समझे तो हमारे शरीर का Output Unit हमारे हाथ, पाव, मुह है यानि हम कोई भी कार्य इनहि के द्वारा करते है, इसी प्रकार Computer का Output Unit है – Monitor, Speakar, Printer, Head phone, Projector, Etc
(उमीद है की यह पोस्ट आपको अच्छी जरूर लगी होगी यदि यह पोस्ट आपको helpful लगी हो तो इसे अपने दोस्तो के साथ Share करे और साथ ही Comment Box में यभी बताए की यह पोस्ट आपको कैसा लगा, यदि आपका कोई सुझाव हो तो आप वो भी Comment Box में बता सकते है, आपका हर सुझाव हमारे लिए महत्वपूर्ण है|)
Computer kya hai, Computer kise kahte hai, Computer ki paribhasha ये प्रश्न अक्सर परीक्षाओं मे पूछे जाते है तो चलिये हम इसी को जानने की कोशिश करते है|
Computer kise kahte hai ?
What is Computer in Hindi – कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (Device) है जिससे हम अंकगणित (Arithmetical) और तार्किक (Logical) समस्याओं का निष्पादन (Solve) कर सकते हैं। यह मानव मस्तिष्क की तरह ही काम करता है लेकिन यह कभी थकान महसूस नहीं करता है। यह समान गति (Speed) और सटीकता (Accuracy)के साथ नियमित रूप से दिन-रात काम करता है।
Computer शब्द अग्रेजी के “Compute” शब्द से बना है जिसका अर्थ है “गणना” करना, इसलिए कम्प्युटर को हिन्दी मे गणक या संगणक भी कहते है इसका आविष्कार गणना करने के लिए ही किया गया था लेकिन आज के जमाने मे कम्प्युटर का इस्तेमाल हर क्षेत्र मे किया जाता है चाहे वो शीक्षा का क्षेत्र हो ऑफिस हो विज्ञान का क्षेत्र हो युद्ध हो आज लगभग हर काम कम्प्युटर के द्वारा ही किया जाता है कम्प्युटर हमारे जीवन का एक अभिन्य हिसा बन गया है हमारे घर मे मौजूद थर्मामीटर से लेकर मोबाइल और Laptop भी Computer के ही उदाहरण है, कम्प्युटर का इस्तेमाल कर हम घंटो का काम मिनटो मे कर सकते है |
कम्प्युटर केवल वही काम करता है जो हम उसे करने को कहते है यानि वो केवल उनही Command को फॉलो करता है जो पहले से कम्प्युटर के अंदर डाले गए होते है उसके अंदर सोचने समझने की क्षमता नही होती है, कम्प्युटर को जो व्यक्ति चलाता है उसे User कहते है, और जो व्यक्ति Computer के लिए Program बनाता है उसे Programmer कहा जाता है |
Computer को कार्य करने के लिए Softwareऔर Hardwareदोनों की जरूरत होती है बिना Software के Hardware बेकार है और बिना Hardware के Software बेकार है सॉफ्टवेयर के उदाहरण है – Windows, MS Office, Window Media Player, MS Paint, Etc और हार्डवेयर के उदाहरण है – Keyboard, Mouse, CPU, Monitor, Printer, Speaker, Etc . इन दोनों के बीच कम्प्युटर को ठीक प्रकार से कार्य कराता है उसे सिस्टम सॉफ्टवेयर या Operating System भी कहते है |
Computer kise kahte hai ?
Computer के जनक किसे कहा जाता है ?
Computer का जनक चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage ) को कहा जाता है, चार्ल्स बैबेज का जन्म लंदन मे हुआ था |
(उमीद है की यह पोस्ट आपको अच्छी जरूर लगी होगी यदि यह पोस्ट आपको helpful लगी हो तो इसे अपने दोस्तो के साथ Share करे और साथ ही Comment Box में यभी बताए की यह पोस्ट आपको कैसा लगा, यदि आपका कोई सुझाव हो तो आप वो भी Comment Box में बता सकते है, आपका हर सुझाव हमारे लिए महत्वपूर्ण है|)